All India First Aid Council के अंतर्गत संचालित CMS&ED डिप्लोमा कोर्स 24 माह का एक व्यावहारिक और जिम्मेदारीपूर्ण प्रशिक्षण है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार
All India First Aid Council क्या है और इसका उद्देश्य क्या है
All India First Aid Council एक ऐसा संगठन है जो देश में प्राथमिक उपचार और बेसिक हेल्थ केयर को मजबूत करने की दिशा में काम करता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में लोगों को समय पर प्राथमिक चिकित्सा सहायता मिल सके। जहां बड़े अस्पताल या डॉक्टर आसानी से उपलब्ध नहीं होते, वहां प्रशिक्षित प्राथमिक उपचारक जीवन रक्षक भूमिका निभा सकते हैं। इसी सोच के साथ All India First Aid Council CMS&ED डिप्लोमा कोर्स का संचालन करता है।
All India First Aid Council के अंतर्गत CMS&ED डिप्लोमा कोर्स की अवधि
All India First Aid Council द्वारा संचालित CMS&ED डिप्लोमा कोर्स की कुल अवधि 24 माह होती है। यह कोर्स दो भागों में विभाजित रहता है। पहला भाग Community Medical Service का होता है, जिसकी अवधि 18 माह की होती है। दूसरा भाग Essential Drugs से संबंधित होता है, जिसकी अवधि 6 माह तय की गई है। इस तरह यह एक पूरा 2 वर्ष का व्यावहारिक डिप्लोमा कोर्स बनता है।
CMS&ED डिप्लोमा में प्रवेश के लिए आवश्यक योग्यता
All India First Aid Council के CMS&ED डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का हाई स्कूल उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। यदि किसी अभ्यर्थी ने 12वीं कक्षा विज्ञान या जीवविज्ञान विषय से पास की है, तो यह उसके लिए अतिरिक्त लाभ माना जाता है। हालांकि यह अनिवार्य नहीं है। यह कोर्स खासतौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देना चाहते हैं।
प्रवेश के समय जरूरी दस्तावेज
All India First Aid Council के अंतर्गत CMS&ED डिप्लोमा में प्रवेश के समय कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। इनमें हाई स्कूल की अंकतालिका और प्रमाण पत्र की स्वप्रमाणित छायाप्रति, आधार कार्ड की स्वप्रमाणित छायाप्रति और पासपोर्ट साइज की दो रंगीन फोटो शामिल होती हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहती है।
क्या CMS&ED डिप्लोमा धारक Doctor लिख सकता है
यह सवाल अक्सर पूछा जाता है और All India First Aid Council इस पर पूरी स्पष्टता रखता है। CMS&ED एक डिप्लोमा कोर्स है, मेडिकल डिग्री नहीं। इसलिए इस कोर्स को पूरा करने के बाद कोई भी व्यक्ति अपने नाम के साथ Doctor शब्द का प्रयोग नहीं कर सकता। ऐसा करना कानूनी रूप से गलत माना जाता है।
CMS&ED डिप्लोमा धारक अपने नाम के साथ क्या लिख सकता है
All India First Aid Council के नियमों के अनुसार CMS&ED डिप्लोमा धारक अपने नाम के साथ Primary First Aid Provider या Rural First Aid Provider लिख सकता है। यह पदनाम उसकी वास्तविक भूमिका को दर्शाता है और लोगों को भ्रमित भी नहीं करता।
CMO कार्यालय से NOC का महत्व
All India First Aid Council के अंतर्गत CMS&ED डिप्लोमा पूरा करने के बाद संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी NOC प्राप्त किया जा सकता है। इस NOC के बाद ग्रामीण क्षेत्र में WHO द्वारा निर्धारित 42 एलोपैथिक दवाओं के माध्यम से केवल प्राथमिक उपचार दिया जा सकता है। यह अनुमति सीमित होती है और इसका उद्देश्य केवल First Aid तक ही रहता है।
ग्रामीण प्राथमिक उपचार केंद्र कहां संचालित होना चाहिए
All India First Aid Council की अवधारणा के अनुसार CMS&ED डिप्लोमा धारक को ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार केंद्र संचालित करना चाहिए। खासतौर पर उन स्थानों पर जहां स्वास्थ्य सेवाओं की कमी हो और बड़े अस्पताल दूर हों। ऐसे क्षेत्रों में यह केंद्र लोगों के लिए पहली मदद का स्थान बनता है।
ग्रामीण प्राथमिक उपचार केंद्र पर क्या कार्य किया जाता है
All India First Aid Council के मार्गदर्शन में CMS&ED डिप्लोमा धारक का कार्य प्राथमिक स्तर तक सीमित रहता है। इसमें संक्रामक और गैर संक्रामक रोगों की प्रारंभिक पहचान, प्राथमिक उपचार और जरूरत पड़ने पर मरीज को सरकारी या उच्च चिकित्सालय में रेफर करना शामिल होता है। मलेरिया, टायफायड, डायरिया, हैजा, पीलिया, निमोनिया और टीबी जैसे रोगों में प्रारंभिक स्तर पर सहायता दी जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में CMS&ED की सामाजिक भूमिका
All India First Aid Council मानता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सही समय पर पहचान और प्राथमिक उपचार न मिलने से छोटे रोग भी महामारी का रूप ले लेते हैं। CMS&ED डिप्लोमा धारक जन-जागरूकता, रोकथाम और समय पर रेफरल के जरिए इस खतरे को कम करता है। यही वजह है कि यह कोर्स सिर्फ एक प्रशिक्षण नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है।
साइन बोर्ड और यूनिफॉर्म की अनुमति
All India First Aid Council के नियमों के अनुसार CMS&ED डिप्लोमा धारक अपने प्राथमिक उपचार केंद्र पर निर्धारित मॉडल के अनुसार साइन बोर्ड या फ्लैक्स बोर्ड लगा सकता है। इसमें केवल प्राथमिक उपचार केंद्र का उल्लेख होता है। इसके साथ ही वह लोगो युक्त निर्धारित यूनिफॉर्म भी पहन सकता है, जिससे उसकी पहचान एक Rural First Aid Provider के रूप में बनी रहे।
CMS&ED डिप्लोमा
All India First Aid Council के अंतर्गत संचालित CMS&ED डिप्लोमा कोर्स उन लोगों के लिए एक जिम्मेदारीपूर्ण रास्ता है जो ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवा की नींव मजबूत करना चाहते हैं। यह कोर्स इलाज का दावा नहीं करता, बल्कि समय पर सहायता, सही दिशा और जीवन बचाने की सोच को आगे बढ़ाता है। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
